भगत सिंह का पैगाम
सुखी जीवन हो म्हारा, भगत सिंह का पैगाम सुनो
दुनिया के सब नर नारी, चुच्ची बच्चा तमाम सुनो
सब पढ़े लिखे होज्याँ नहीं अनपढ़ टोह्या पावै फेर
खान पीन की मौज हो ना भूख का भूत सतावै फेर
बीर मर्द का हक़ हो बराबर बढ़िया रिवाज छावै फेर
टोटा मानस की चौखट पै भूल कई बी ना आवै फेर
सोच समझ कै चलांगे तो मुस्किल ना सै काम सुनो ।।
मिल कै सब करें मुकाबला हारी और बीमारी का
मिल कै सब करें मुकाबला हारी और बीमारी का
बराबर के हक़ होज्याँ तै ना मान घटै फेर नारी का
यो भाई चारा फेर बढैगा ना डर रहै चोरी जारी का
सुख के साँस मैं साझा होज्या फेर जनता सारी का
भ्रष्टाचार की कसी जावैगी पूरी तरियां लगाम सुनो ।।
आदर्श पंचायत बनावां जो दुनिया मैं हो न्यारी फेर
आदर्श पंचायत बनावां जो दुनिया मैं हो न्यारी फेर
दन्त बिचालै आन्गली देकै या देखै दुनिया सारी फेर
गाम स्तर पै बनी योजना लागू होज्यंगी म्हारी फेर
गाम साझली धन धरती सबनै होज्यगी प्यारी फेर
सुख का साँस इसा आवैगा ना बाजैं फेर जाम सुनो ।।
कोए अनहोनी बात नहीं ये सारी बात सें होवन की
बैठे होल्याँ भान और भाई घड़ी नहीं सै सोवन की
नहीं लड़ा लडाई आपस मैं ताकत नहीं सै खोवन की
बीज वर्ग संघर्ष का बोवां या समों सही सै बोवन की
रणबीर सिंह यो भारत का गूंजै चौगार्दें नाम सुनो ।।