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शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2012

कित तै आया इतना विश्वास

भगत सिंह बता कित तै आया इतना विश्वास तेरे मैं 
उमर तेईस साल की देखी आजादी की प्यास तेरे मैं 
फिरंगी के जुल्मों तैं दुखी भारत के नर और नारी थे 
फूट गेरो अर राज करो फिरंगी कसूते खिलारी थे 
देश अपने मैं भिखारी थे पाया यो अहसास तेरे मैं ||
किताब पढ़न की आदत किताब पढी दुनिया भर की 
विचार करकै पक्के तम्नै बजी लाई अपने सिर की 
सुखदेव राजगुरु हर की मित्रता थी पास तेरे मैं ||
पूंजीवाद का खेल तम्नै पूरी तरियां समझ लिया रै 
समाजवाद सै सही रास्ता इस्पे धार कदम दिया रै 
इस ताहीं मरया अर  जिया रै यो अंदाज खास तेरे मैं ||
पूंजीवाद पूरी दुनिया मैं हट कै कहर मचारया देख  
समाजवाद का सपना तेरा रणबीर गीत बानारया देख 
शहीदी दिवस मनारया देख आज बी करता आस तेरे मैं ||

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