भगत सिंह बता कित तै आया इतना विश्वास तेरे मैं
उमर तेईस साल की देखी आजादी की प्यास तेरे मैं
फिरंगी के जुल्मों तैं दुखी भारत के नर और नारी थे
फूट गेरो अर राज करो फिरंगी कसूते खिलारी थे
देश अपने मैं भिखारी थे पाया यो अहसास तेरे मैं ||
किताब पढ़न की आदत किताब पढी दुनिया भर की
विचार करकै पक्के तम्नै बजी लाई अपने सिर की
सुखदेव राजगुरु हर की मित्रता थी पास तेरे मैं ||
पूंजीवाद का खेल तम्नै पूरी तरियां समझ लिया रै
समाजवाद सै सही रास्ता इस्पे धार कदम दिया रै
इस ताहीं मरया अर जिया रै यो अंदाज खास तेरे मैं ||
पूंजीवाद पूरी दुनिया मैं हट कै कहर मचारया देख
समाजवाद का सपना तेरा रणबीर गीत बानारया देख
शहीदी दिवस मनारया देख आज बी करता आस तेरे मैं ||
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